माँ की एक चिट्ठी (बहुत emotional) kahani maa ki ek chiththi

प्रिय बेटा,

जब तुम छोटे थे, तो तुम्हारी हर छोटी खुशी मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी होती थी। तुम्हारी एक मुस्कान के लिए मैं सब कुछ भूल जाती थी।

आज तुम बड़े हो गए हो, अपनी जिंदगी में व्यस्त हो। मैं समझती हूँ, लेकिन कभी-कभी तुम्हारी बहुत याद आती है।

तुम्हारे साथ बिताए वो पल आज भी मेरे दिल में जिंदा हैं। जब तुम “माँ” कहकर पुकारते थे, तो लगता था जैसे दुनिया की सारी खुशियां मिल गई हों।

मैं तुमसे कुछ नहीं चाहती, बस कभी-कभी थोड़ी सी बात कर लिया करो। तुम्हारी आवाज सुनकर ही मेरा दिन बन जाता है।

खुश रहो बेटा, यही मेरी सबसे बड़ी दुआ है।

तुम्हारी माँ ❤️

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