बूढ़े पिता और व्यस्त बेटे की कहानी budhe pita aur vyast bete ki kahani

एक बूढ़े पिता अपने बेटे के साथ रहते थे। बेटा नौकरी में इतना व्यस्त था कि उसे अपने पिता के लिए समय ही नहीं मिलता था।

एक दिन पिता ने बेटे से कहा, “बेटा, आज थोड़ा समय मिल जाए तो साथ बैठकर बात करेंगे।” लेकिन बेटे ने काम का बहाना बना दिया।

ऐसा कई दिनों तक चलता रहा। एक दिन जब बेटा घर आया, तो उसे पता चला कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे।

उसके कमरे में एक चिट्ठी मिली, जिसमें लिखा था, “मैं सिर्फ तुमसे थोड़ा समय चाहता था।”

यह पढ़कर बेटे की आँखों में आँसू आ गए। उसने समझा कि काम जरूरी है, लेकिन अपनों से ज्यादा नहीं।

यह कहानी हमें सिखाती है कि हमें अपने परिवार के लिए समय जरूर निकालना चाहिए, क्योंकि समय एक बार चला जाए तो वापस नहीं आता।

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